Monday, August 17, 2020

आधा-अधूरा प्यार

कोशिशें लाख की है तुझे मनाने की; मगर सब की सब नाकाम रहीं है, मेहनत कड़ी लगी है तुझे पाने में; मगर ना जाने क्यों सारी बेकार गई है, दुआयें ना जाने कितनी की है तुझे पाने की खातिर; मगर कौन जाने किस खुदा के पास गई है, दिल तोड़ा है तूने इस कदर कि इस दिल को कहीं आराम नहीं है, खास मेरे लिए तू आज भी है लेकिन तेरे अजीजों में मेरा नाम नहीं है, अगर वफाई तेरी के चर्चे आम है तो वफाएं मेरी बदनाम सही है, हमारा मिलना अगर एक सबब था तो ना जाने कितनी मुलाकातें गुमनाम रही है, दिल मेरा टूटा है मेरी ही खामियों से; जा तुझपे कोई इल्जाम नहीं है , बेनाम इस रिश्ते को बेनाम ही रहने दो; नाम इसको देकर करना बदनाम नहीं है, कभी कहते थे हीरे जैसा इस मोहित को; आज क्यों इस हीरे का दाम नहीं है, नाम क्यों देता है इस खिंचाव को प्यार का; तेरी चाहत में अब वो ईमान नहीं है, कोशिशें जारी है तुझे यादों से मिटाने की; मगर भूलना इतना आसान नहीं है, कोशिशें लाख की है तुझे मनाने की; मगर सब नाकाम रहीं है।